नये पुराने विचारों का संगम
संपर्क
चैनल
एलबम
संगीत
फ़ोटोज़
वीडियोज़
ब्लॉग्स
मुख पृष्ठ
Welcome, Guest [
Register
|
Sign In
Sign In
Forgot Password?
New User?
|
Take a tour
|
Adult Filter
:
On
]
[x]
Search In:
Webdunia
MyWebdunia (Hindi)
For contents of type
For portals
This Portal (oldman)
For
Search
अन्य ब्लॉग्स
नेविगेट करें
मई 2008
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
अप्रैल |
आज
|
जून
टैग्स
अन्य
फनी
मनोरंजन
विविध
सदस्यता लें
<< तीन देवियाँ
मर रे मानव मर! >>
हँसिकाएँ
टिप्पणी जोड़ें
GK Awadhiya
द्वारा 20 मई, 2008 5:55:00 AM IST पर पोस्टेड
#
मेरी पसंद की रचनाओं में
डॉ. सरोजनी प्रीतम की रचना
यमक
तुम्हारी नौकरी के लिये
कह रखा था सालों से,
सालों से।
श्लेष
क्रुद्ध बॉस से
बोली घिघियाकर
माफ कर दीजिये सर,
सुबह लेट आई थी
कम्पन्सेट कर जाउँगी,
बुरा न मानें अगर
शाम को लेट जाउँगी।
चैनल
:
Blog
टैग्स
:
विविध
1.51 rating from 4 votes.
197 views.
Add comment
|
Email Author
|
Send To Friend
(0) |
Report Abuse
(0)
अस्वीकरण
लोड हो रहा है...