मेरी पसंद की रचनाओं में सेइस्माइल जगदलपुरी की रचनानेताखादी नित पहना करें, सूरत है मनहूस।तीन देवियाँ साथ हैं, चंदा, थैली, घूस॥साहबरिश्वत खाकर बढ़ गया, बड़े साब का पेट।तीन देवियाँ साथ हैं, चाय, पान सिगरेट॥थानेदारछात्र पुलिस संघर्ष में, टूट गई है टाँग।तीन ...
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