Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Family Filter | On
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

मई 2008


ब्लॉग्स (11)
मर रे मानव मरभूस्खलन से मरभूकंप से मरमुठभेड़ कर और मरबम विस्फोट से मरजहरीली शराब पी कर मरनकली दवा से मरश्रद्धालु बन, दर्शन हेतु जीप से जा और दुर्घटना से मरमरने से जरा भी न डरमरना तेरी नियति है इसलिये तू मरवेबदुनिया समाचार और पढ़ें...

मेरी पसंद की रचनाओं मेंडॉ. सरोजनी प्रीतम की रचनायमकतुम्हारी नौकरी के लियेकह रखा था सालों से,सालों से।श्लेषक्रुद्ध बॉस सेबोली घिघियाकरमाफ कर दीजिये सर,सुबह लेट आई थीकम्पन्सेट कर जाउँगी,बुरा न मानें अगरशाम को लेट जाउँगी। और पढ़ें...

मेरी पसंद की रचनाओं में सेइस्माइल जगदलपुरी की रचनानेताखादी नित पहना करें, सूरत है मनहूस।तीन देवियाँ साथ हैं, चंदा, थैली, घूस॥साहबरिश्वत खाकर बढ़ गया, बड़े साब का पेट।तीन देवियाँ साथ हैं, चाय, पान सिगरेट॥थानेदारछात्र पुलिस संघर्ष में, टूट गई है टाँग।तीन ... और पढ़ें...